सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता पद यात्रा राष्ट्र–एकता, समरसता और राष्ट्रीय चेतना का एक सशक्त प्रतीक बनकर सामने आई। लौह पुरुष पटेल जी ने जिस अटूट संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति से देश को एक सूत्र में पिरोया, वह आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी दूरदृष्टि और नेतृत्व ने स्वतंत्र भारत की एकता की नींव को मजबूती प्रदान की।
आज की पद यात्रा में जनमानस की भागीदारी न केवल उत्साहपूर्ण रही, बल्कि यह राष्ट्रभावना और साझा मूल्यों के प्रति जनता की प्रतिबद्धता का भी जीवंत प्रमाण थी। पद यात्रा के प्रत्येक कदम में यह संदेश स्पष्ट रूप से झलक रहा था कि एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। लोगों के चेहरे पर गर्व, और कदमों में देश के प्रति सम्मान की भावना स्पष्ट दिखाई दी।
लौह पुरुष सरदार पटेल के आदर्शों को नमन करते हुए इस अवसर ने सामूहिक रूप से हमें यह संकल्प दिलाया कि हम ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ के पथ पर निरंतर आगे बढ़ेंगे। सामाजिक सद्भाव, परस्पर सहयोग और साझा प्रगति की भावना के साथ हम नवभारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे। सरदार पटेल के आदर्श आज भी मार्गदर्शक हैं और आगे भी हमारे राष्ट्रीय जीवन को दिशा देते रहेंगे।