भारतीय जनता पार्टी, चंदौली के संकल्पित एवं जुझारू नेता सूर्यमुनि तिवारी जी ने बताया कि आज हनुमान जी महाराज की कृपा से उत्तराखंड स्थित कैंची धाम में हनुमान जी के साधक सिद्ध संत पूज्य नीम करौली बाबा जी के दिव्य तपोभूमि के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ. ऐसे ही पूज्य संतों के कारण भारत विश्वगुरु बनकर पूरी दुनिया का मार्गदर्शन करता रहता है.
उल्लेखनीय है कि कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल के पास स्थित है. यह धाम एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और नीम करौली बाबा के आश्रम के रूप में लोकप्रिय है. बाबा नीम करौली ने 1961 में पहली बार कैंची धाम आये और उन्होंने अपने मित्र पूर्णानंद के साथ मिलकर 15 जून 1964 को कैंची धाम की स्थापना की थी.
बताते चले कि कैंची धाम में लोग कंबल चढ़ाते हैं, जिसका कारण बाबा नीम करौली की तस्वीरों में उन्हें कंबल ओढते हुए देखा जाता है. इस धाम में भक्त दिवस पर मालपुए का भोग लगाते हैं और यहां पर हनुमानजी से लेकर और देवी देवताओं की मूर्तियां भी देखी जा सकती हैं. बाबा नीम करौली ने अपने जीवन में हनुमान जी के 108 मंदिर बनवाए थे. इस धाम का नाम कैंची धाम रखा गया है क्योंकि यह धाम कैंची की तरह दो तीखे मोड़ जैसी दिखाई देती है. बाबा नीम करौली बाबा को हनुमान जी के भक्त माना जाता था.