पूर्व विधानसभा प्रत्याशी भारतीय जनता पार्टी के नेता सूर्यमुनि तिवारी जी ने बताया कि विधानसभा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) , ग्राम - सुरौली में श्री काली माता जी के मंदिर पर आयोजित भंडारा कार्यक्रम में शामिल हुआ।
हिंदू धर्म में भंडारे का बड़ा महत्व है. किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में विभिन्न जगहों पर भंडारे का आयोजन किया जाता है. यहां तक कि बहुत जगहों पर मंदिरों में प्रतिदिन भंडारे लगाए जाते हैं. भंडारे में आने वाले सभी लोगों को खाना खिलाया जाता है, जिससे धार्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है.
पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, दान करने से मनुष्य को पुण्य की प्राप्ति होती है. सभी दानों में सबसे श्रेष्ठ दान अन्न का माना जाता है. प्राचीन काल में राजा महाराजा कई प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन करते थे. उसके बाद राजा अपनी प्रजा में धन, वस्त्र ,भोजन, फल आदि का दान करते थें. भोजन कराने की परंपरा प्राचीन समय से ही चली आ रही है. अन्न दान करना आज के समय में भंडारे के रूप में प्रचलन में आया है. भंडारे लगाकर लोग गरीब और जरूरतमंदों को भोजन कराते हैं. भोजन कराने से शरीर और आत्मा दोनों को संतुष्टि मिलती है. पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, हम जिस चीज का दान करते हैं, परलोक में हमें वही वस्तुएं मिलती हैं, इसलिए हमें अधिक से अधिक दान करना चाहिए.