सूर्य मुनि तिवारी ने इस अवसर पर कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति में ज्ञान, शौर्य और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षा, सदाचार और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए भगवान परशुराम के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने उपस्थित लोगों को जयंती की शुभकामनाएं देते हुए समाज में आपसी भाईचारा और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रमों के दौरान आयोजकों ने सूर्य मुनि तिवारी का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं से सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। जयंती समारोहों में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।


